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पूरे देश में कोरोना से मचा हाहाकार, गुजरात में बढ़ रहे कोविड केसेस

कोरोना वायरस
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सूरत: पिछले एक हफ्ते से गुजरात के सूरत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़े हैं। अस्पताल के बेड, ऑक्सिजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, दवा और यहां तक कि 108 एम्बुलेंस की कमी हो गई है। चारों तरफ मरीजों के इलाज न मिलने और मौतों की खबरें सामने आ रही हैं। इलाज के अभाव की खबरों के बीच अब मुर्दाघर की गाड़ियों की कमी भी सामने आई है।

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डायमंड सिटी में आलम है कि यहां लाशों को लाने ले जाने के लिए शव वाहन कम पड़ गए हैं और एक-एक वाहन में कई-कई शव ढोए जा रहे हैं। वाहन एक साथ कई शवों को लेकर निकलते हैं और उन्हें अलग-अलग श्मशाट घाट पर उतारते हुए चलते हैं। लोगों को मानें तो इस तरह के हालात उन्हें कभी नहीं देखे।

24 घंटे व्यस्त हैं शव वाहन

सरकार और एनजीओ वैन विभिन्न अस्पतालों से शवों को ट्रांसफर करने में व्यस्त हैं, जबकि घर पर मरने वालों को निजी वाहनों में ट्रांसफर किया जा रहा है क्योंकि किसी मुर्दाघर में वैन उपलब्ध नहीं है। पहले, मुर्दाघर वैन एक फोन कॉल पर उपलब्ध हो जाती थी लेकिन अस्पतालों में मौतों की संख्या बढ़ने के कारण अब वैन चौबीसों घंटे व्यस्त हैं।

श्मशान के बाहर भी करना पड़ रहा इंतजार

सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एसएमसी) का एक मुर्दाघर कुरुक्षेत्र श्मशान (केसी) में सात शवों के साथ लेकर पहुंचा। शव बॉडी-बैग में पैक किए हुए थे। सभी शव वैन में ही रखे रहे। लगभग एक घंटे के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए शवों को बाहर निकाला गया, क्योंकि गैस खाली नहीं थीं।

रिश्तेदारों और परिवार के बैठने के जगह नहीं

इससे पहले, इन शव वाहनों में बीच में शवों को रखने की जगह होती थी और आसपास बैठने के लिए लंबी बेंच लगी होती थी, जिसमें मृतक के परिवार और रिश्तेदार बैठते थे। अब इन सीटों को हटा दिया गया है और वाहनों को पूरी तरह से शवों को रखने के लिए बना दिया गया है। इन वाहनों में एक बार में जितने शव आ सकते हैं, उतने रखे जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा शव श्मशान पहुंच सकें।

एक ट्रिप में ज्यादा से ज्यादा शव ले जाने का प्रेशर

एक शव वाहन चालक ने बताया कि हम सिर्फ आदेशों का पालन कर रहे हैं। इतने सारे लोग एक दिन में मर रहे हैं और हर एक ट्रिप में ज्यादा से ज्यादा शवों को ले जाना जरूरी है। मेहुल सूरती ने बताया, ‘मेरी चाची पिछले पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं, लेकिन उनकी मौत हो गई। उसके शव को छह अन्य शवों के साथ श्मशान घाट लाया गया।’

क्या बोले जिम्मेदार

वहीं डेप्युटी म्युनिसिपल कमिश्नर एनवी उपाध्याय ने बताया, ‘मुझे पता नहीं है कि एक ही वैन में कई शवों को स्थानांतरित किया जा रहा है या नहीं। अगर कोई शिकायत है तो मैं इसकी जांच करूंगा।’ मुर्दाघर की वैन के अलावा, श्मशान में भी शवों के अंतिम संस्कार के लिए तमाम भीड़ उमड़ रही है।

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