उत्तराखंड

पेटीएम के मर्चेंट पार्टनर्स मुफ्त में कर सकते हैं पेटीएम वॉलेट

पेटीएम
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देहरादून:  भारत की अग्रणी डिजिटल फाइनेंसियल सर्विसेज प्लेटफार्म पेटीएम ने आज व्यापारिक लेन-देन पर सभी शुल्कों को माफ करने की घोषणा की है कंपनी अब जीरो शुल्क पर मर्चेंट पार्टनर्स को पेटीएम वॉलेट, यूपीआई एप्स और रूपे कार्ड्स से पेमेंट स्वीकार करने में सक्षम बनाकर पेमेंट प्रक्रिया को अगले स्तर तक ले जा रही है। अभी चल रहे महामारी के दौरान एमएसएमई को सपोर्ट करने के लिए पेटीएम, बैंकों एवं अन्य शुल्कों द्वारा वार्षिक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) में 600 करोड़ रुपये को खर्च वहन करेगा। यह पहल उन्हें अपने कारोबार को और विस्तार प्रदान करने के लिए समुचित नगदी सुनिश्चित में मददगार साबित होगा।

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पेटीएम इकोसिस्टम पर 17 मिलियन से अधिक व्यापारियों को फायदा

इस पहल से पेटीएम इकोसिस्टम पर 17 मिलियन से अधिक व्यापारियों को फायदा होगा, जो अपने ग्राहकों से भुगतान स्वीकार करने के लिए पेटीएम ऑल-इन-वन क्यूआर, पेटीएम साउंडबॉक्स और पेटीएम ऑल-इन वन एंड्रॉइड पीओएस (च्व्ै) का उपयोग करते हैं। व्यापारियों को यह चुनने की भी सुविधा होगी कि वे भुगतान को सीधे अपने बैंक खातों में जमा करा सकते हैं या सीधे अपने पेटीएम वॉलेट में भुगतान राशि प्राप्त कर सकते हैं। कंपनी पेटीएम वॉलेट, यूपीआई, रूपे, एनईएफटी और आरटीजीएस सहित अन्य सभी तरीकों के माध्यम से भुगतान की स्वीकृति को बढ़ावा दे रही है। साथ ही, व्यापारियों को बिना किसी शुल्क के पेटीएम ऑल-इन-वन क्यूआर से अनलिमिटेड भुगतान स्वीकार करने का अधिकार भी देती है।

प्रेसिडेंट कुमार आदित्य ने कहा

पेटीएम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कुमार आदित्य ने कहा, “हम अपने मर्चेन्ट पार्टनर्स को समर्थन देने और उनके कारोबार का विस्तार करने हेतु उनकी नगदी को बढ़ाने के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का खर्च खुद वहन करेंगे। हमें विश्वास है कि इन शुल्कों को माफ करने से सभी एमएसएमई को पेटीएम ऑल-इन-वन क्यूआर, पेटीएम साउंडबॉक्स और पेटीएम ऑल-इन-वन एंड्रॉइड पीओएस डिवाइसों से सीधे अपने बैंक खातों में भुगतान एकत्र करने में फायदा मिलेगा।

पेटीएम ऑल-इन-वन क्यूआर व्यापारियों के लिए हमेशा से डिजिटल पेमेंट्स स्वीकार करने का सबसे अच्छा तरीका रहा है, क्योंकि यह किसी भी यूपीआई ऐप और रूपे कार्ड से बिना किसी शुल्क के अनलिमिटेड भुगतान स्वीकार करता है। अब तो यह सुविधा पेटीएम वॉलेट के साथ भी है। यह कदम व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट्स को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे डिजिटल इंडिया मिशन को और भी मजबूती मिलेगी। ”

पेटीएम एमएसएमई को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रहा है और 2021 तक लोन में 1000 करोड़ रुपए चुकाने का लक्ष्य भी रखा है। कंपनी ‘मर्चेंट लेंडिग प्रोग्राम’ के तहत पेटीएम फॉर बिजनेस ऐप पर कस्टमर्स को कोलेटरल फ्री लोन प्रदान कर रही है।

कर्ज के लिए कौन योग्य है और कौन नहीं इसका फैसला पेटीएम ऐप के एल्गोरिद्म के आधार पर किया जाता है। ये पैटर्न दैनिक लेनदेन के आधार पर व्यापारी की क्रेडिट-योग्यता को निर्धारित करता है और पूर्व-योग्य ऋण की पेशकश करता है। इसने ऋण आवेदन से लेकर अप्रूवल तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। साथ ही, एनबीएफसी और बैंकों के साथ साझेदारी में बिना किसी अतिरिक्त डॉक्युमेंट्स के लोन प्रदान कर रही है।

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