उत्तराखंड

शहरों में विद्युत चोरी रोकने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर की व्यवस्था

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
109views

देहरादून: प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में विद्युत चोरी रोकने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर व्यवस्था को अमल में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को हुई ऊर्जा के तीनों निगमों व उरेडा की समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। साथ ही विद्युत लाइन लास में कमी लाने को प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने तीनों निगमों की कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार और पारदर्शी व्यवस्था के मद्देनजर विजिलेंस के तीन पदों की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही यूपीसीएल में आवश्यकतानुसार अवर अभियंताओं की नियुक्ति के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में होने वाले कुंभ के दौरान विद्युत आपूर्ति निर्बाध रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

टनल के पास ऋषिगंगा नदी में जलस्‍तर बढ़ा,अलर्ट जारी

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के तीनों निगमों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा

बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के तीनों निगमों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा, ताकि राज्य की विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण व्यवस्था सुदृढ़ हो सके। साथ ही आमजन के लिए बेहतर बिजली व्यवस्था सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि निगम व उरेडा राज्य की आय के आधार भी हैं। इनमें बेहतर कार्यप्रणाली और कार्यकुशलता जरूरी है।मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं के काम में तेजी लाने और पुरानी परियोजनाओं के सुधारात्मक उपायों पर विशेष ध्यान देने को भी कहा। उन्होंने एलईडी ग्राम लाइट योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित करने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्ष कारीगरों की सेवाएं लेने पर जोर दिया। इससे समूहों के स्तर पर बेहतर उत्पादन होने के साथ ही आर्थिक संसाधनों में बढोतरी हो सकेगी।

सचिव ऊर्जा राधिका झा ने ऊर्जा के क्षेत्र में लिए गए निर्णयों के साथ ही ऊर्जा के तीनों निगमों और उरेडा के महत्वपूर्ण कार्यों, उपलब्धियों व सुधारों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि 129.50 मेगावाट की जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, विद्युत लाइनों को भूमिगत करने, सबस्टेशनों के निर्माण के साथ ही स्मार्ट मीटरिंग संबंधी कार्यों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

10.75 मेगावाट बढ़ी उत्पादन क्षमता

सचिव ऊर्जा ने यूजेवीएनएल से संबंधित प्रस्तुतीकरण के जरिये बताया कि निगम ने वर्ष 2019-20 में 5088.88 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया, जो न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह समाहित करते हुए अब तक का सर्वोच्च उत्पादन है। निगम ने विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण से पिछले तीन वर्षों में उत्पादन क्षमता में 10.75 मेगावाट की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि निगम ने राज्य को उसकी अंशपूंजी पर अब तक का सर्वोच्च 40.01 करोड़ का लाभांश दिया है।

चोरी रोकने को ऊर्जागीरी अभियान

मुख्यमंत्री को बताया गया कि यूपीसीएल ने पिछले चार वर्षों में राजस्व बढ़ोतरी को कई उपाय किए हैं। विद्युत चोरी रोकने को ऊर्जागीरी अभियान चल रहा है। बिलिंग दक्षता में चार प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पिटकुल में ट्रांसमिशन हानि को 1.71 फीसद से कम कर 1.21 फीसद तक लाया गया है।

215 फीसद की बढोतरी

उरेडा से संबंधित प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि सौर ऊर्जा नीति के तहत नई परियोजनाओं की स्थापना में बीते चार वर्ष में पिछली पंचवर्षीय योजना की तुलना में 215 फीसद की वृद्धि हुई। वर्तमान में निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर यह 446 फीसद हो जाएगी। बताया गया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में अभी तक 114 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। पिरुल नीति के तहत 1785 किलोवाट की 58 परियोजनाएं विद्युत उत्पादन और चार ब्रिकेटिंग इकाइयों के लिए आंवटित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने ये भी दिए निर्देश

विभिन्न विभागों के स्तर पर लंबित विद्युत देयों के लिए प्रक्रिया का निर्धारण करें विद्युत लाइन लास कम करने के लिए हों गंभीर प्रयास सभी उपभोक्ताओं को हर हाल में मुहैया कराए जाएं

कंगना ने की महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात