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20 से ज्यादा जवान तैनात, फिर भी ममता बनर्जी हुईं जख्मी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
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कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घायल होने की घटना को लेकर चुनाव आयोग काफी गंभीर है। आयोग उन पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है जो मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात थे। शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयोग ममता की सुरक्षा संभालने वाले पुलिसकर्मियों को इस घटना के लिए दंडित कर सकता है। बताते चलें कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान ममता जख्मी हो गई थीं और उन्होंने हमले का आरोप लगाया है।

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अधिकारी ने कहा कि

आयोग दंड पर फैसला लेने से पहले ममता सरकार और चुनाव के लिए तैनात दो पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहा है। आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि यकीनन यह उन पुलिसकर्मियों की ओर से चूक है, जिन पर मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा था। किसी को भी मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे को तोड़कर घुसने नहीं दिया जाना चाहिए। हम कोई भी फैसला लेने से पहले राज्य सरकार और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

सीएम की सुरक्षा में 20 से ज्यादा जवान

अधिकारी ने कहा कि आयोग को जो वीडियो मिला है उसमें दिखाई दे रहा है कि बुधवार को नंदीग्राम के बिरूलिया बाजार इलाके में प्रचार के दौरान बहुत सारे लोग मुख्यमंत्री के वाहन के नजदीक आ गए थे। अधिकारी ने कहा कि वीडियो के फुटेज ज्यादा स्पष्ट नहीं हैं, जिससे यह बात साफ हो सके कि सुश्री बनर्जी पर हमला किया गया, जैसा कि उन्होंने आरोप लगाए हैं। उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और 20 से अधिक जवानों पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने से राज्य प्रशासन का इन्कार

अधिकरी के मुताबिक इस बीच पूर्व मेदिनीपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कई प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की है। मौके से साक्ष्य इकट्ठे किए हैं और वीडियो फुटेज भी जुटाए हैं। अभी तक हमें घटना के बारे में लोगों से तरह-तरह की बातें सुनने को मिली हैं। इस बीच, राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन खबरों को खारिज किया कि जिला प्रशासन ने एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है जिसमें इसे दुर्घटना करार दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमें अभी ऐसा कुछ नहीं सौंपा गया है। हमें नहीं पता कि ऐसी बातें कहां से आ रही हैं।

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